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चित्रकूट की सड़कों पर खुल्लमखुल्ला “Royal Spa” का अश्लील व्यापार, बेडीपुलिया पर खुलेआम देहव्यापार की आशंका, प्रशासन अब भी मौन

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कोई पंजीकरण नहीं, कोई लाइसेंस नहीं
स्पा के बाहर कहीं भी वैध लाइसेंस, पंजीकरण नंबर, संचालक का नाम या स्वास्थ्य विभाग की अनुमति से संबंधित कोई सूचना नहीं दी गई है। यह दर्शाता है कि सेंटर बगैर किसी वैधानिक अनुमति के खुलेआम संचालित हो रहा है।

धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध चित्रकूट अब एक नई और चिंताजनक वजह से चर्चा में है। रामायण काल से जुड़ी यह भूमि, जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 11 वर्ष बिताए थे, वहां अब कुछ ऐसे कथित स्पा सेंटर पनपने लगे हैं जो संस्कृति और मर्यादा के नाम पर एक बड़ा तमाचा हैं।
नगर के बेडीपुलिया क्षेत्र में स्थित “Royal Spa”नामक एक केंद्र को लेकर स्थानीय जनता में आक्रोश और चिंता दोनों है। मुख्य सड़क पर बड़े-बड़े पोस्टरों और चमकते बैनरों के साथ खुलेआम प्रचार कर रहा यह स्पा सेंटर देर रात तक संचालित होता है, और आसपास के लोगों का कहना है कि यहां दिनभर से ज्यादा रात में रौनक रहती है। पास के दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि इस सेंटर पर रात 10 से 11 बजे तक लड़कों की बाइकें, कारें और कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामान्य हो गई हैं। वहां आने-जाने वालों की भाषा, व्यवहार और देर रात की चहल-पहल से यह केंद्र ‘हेल्थ वेलनेस’ के बजाय किसी और ही मकसद के लिए चल रहा प्रतीत होता है।
जब ‘सरस भावना प्रेस टीम’ ने स्पा के सार्वजनिक मोबाइल नंबर पर ग्राहक बनकर जानकारी मांगी, तो जवाब ने सारी शंकाओं को और पुख्ता कर दिया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने साफ़ कहा कि “गुड़गांव और बाहर से लड़कियां आती हैं। लड़कियां ही मसाज करती हैं, थाई, ऑयल, रॉयल टच… सब होता है।” जब पूछा गया कि पुरुष स्टाफ भी होता है क्या, तो उत्तर मिला  “नहीं, सिर्फ लड़कियां ही सर्विस देती हैं।” यह सीधी जानकारी स्पष्ट संकेत देती है कि “Royal Spa” जैसे सेंटर स्वास्थ्य सेवा की आड़ में देहव्यापार या यौन शोषण से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि न स्वास्थ्य विभाग, न पुलिस प्रशासन और न नगर पालिका ने अभी तक कोई कार्रवाई की है। न तो निरीक्षण हुआ है, न ही स्टाफ का सत्यापन। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के केंद्रों की सीबीआई या विशेष जांच टीम से जांच होनी चाहिए। यह सिर्फ एक सेंटर नहीं, बल्कि चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल की अस्मिता से खिलवाड़ का मामला है। सरस भावना प्रेस टीम ने “Royal Spa” प्रबंधन से आधिकारिक वर्ज़न और प्रमाणपत्रों की कॉपी 48 घंटे में मांगी है, लेकिन अपने पक्ष में कोई बात कहना उचित नहीं समझ गया , आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है सेंटरों को , अब यह मामला जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और महिला आयोग के समक्ष भी उठाया जाएगा।

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C P Dwivedi
लेखक परिचय : चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, चित्रकूट निवासी एक सक्रिय पत्रकार, लेखक, शिक्षाविद् और सामाजिक विचारक हैं, जो पिछले दो दशकों से हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘सरस भावना’ के संपादक के रूप में जनपक्षीय पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों से की और अपने लेखन तथा संपादन कौशल से बुंदेलखंड की पत्रकारिता को नई दिशा दी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर (M.A.), कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री (M.Sc. CS), सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर (MSW), पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिग्री, और क़ानूनी ज्ञान में स्नातक (L.L.B.) की शिक्षा प्राप्त की है। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं — एक संवेदनशील पत्रकार, प्रतिबद्ध समाजसेवी, करियर काउंसलर, राजनीतिक विश्लेषक, अधिवक्ता और व्यंग्यकार। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर काम कर रहे हैं। वर्तमान में वे बुंदेली प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकारों में शुमार हैं। लेखन नाम बड़का पंडित‘’ के नाम से वे राजनीतिक पाखंड, जातिवाद, दिखावटी विकास, मीडिया के पतन और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखे, मगर प्रभावशाली व्यंग्य लिखते हैं, जो समाज को सोचने और बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी लेखनी न सिर्फ व्यंग्य का माध्यम है, बल्कि बुंदेलखंड की पीड़ा, चेतना और संघर्ष की आवाज़ भी हैऔर शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

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