ग्रामोदय विश्वविद्यालय व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
चित्रकूट, 06 जून 2025। मंदाकिनी नदी संरक्षण एवं प्लास्टिक प्रदूषण समाधान विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में किया गया। इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी का उद्देश्य मंदाकिनी नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और प्लास्टिक जनित संकट के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतना जिलाधिकारी श्री सतीश कुमार यश ने कहा कि मंदाकिनी नदी का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए क्षेत्रीय जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे नदी की स्वच्छता और सुरक्षा में सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलगुरु प्रो. भरत मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “मंदाकिनी चित्रकूट की जीवनरेखा है। यदि हम इसे नहीं बचा सके, तो भावी पीढ़ियों के सामने गंभीर संकट खड़ा होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय हर शनिवार को स्फटिक शिला घाट पर सफाई अभियान चलाता है, जिसमें छात्र, शिक्षक व स्टाफ सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
संत डॉ. मदन गोपाल दास महाराज (कामदगिरि प्रमुख द्वार) ने पर्यावरण दिवस के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पक्ष पर प्रकाश डाला, वहीं म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. बैगा ने नदियों की स्वशुद्धिकरण क्षमता और उसमें मानवीय हस्तक्षेप से होने वाले नुकसान पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा किया।
नगर पंचायत चित्रकूट की अध्यक्षा कुमारी साधना पटेल ने बताया कि स्थानीय निकाय द्वारा नियमित सफाई और प्लास्टिक पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसमें नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
प्रो. शशिकांत त्रिपाठी (अध्यक्ष, ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग) ने आभार प्रदर्शन किया। संगोष्ठी के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, नगर पंचायत प्रतिनिधि, संत महात्मा, पर्यावरण कार्यकर्ता और चित्रकूट के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





