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बाढ़ प्रभावित बरेठी और औदहा गांव पहुंचीं समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय, बांटी राहत सामग्री

बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुनकर बोलीं—प्रशासन गांवों में पहुंचकर करे सर्वे, जरूरतमंदों तक पहुंचाए राहत
चित्रकूट। बीते दिनों मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट जनपद के दर्जनों गांवों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कई परिवारों के घर-गृहस्थी का सामान और सालभर के लिए रखा खाद्यान्न बाढ़ में बह गया, जिससे उनके सामने खाने-पीने तक का संकट खड़ा हो गया है।
ऐसे मुश्किल वक्त में समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने राजापुर तहसील के बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित गांवों में शामिल बरेठी और औदहा का दौरा किया। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द सुना और खाद्य सामग्री का वितरण किया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को करीब से जाना। वहीं छोटे बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि इस बाढ़ में लोगों का भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान उन परिवारों का हुआ है, जिन्होंने सालभर के लिए खाने-पीने का सामान घर में सुरक्षित रखा था, लेकिन बाढ़ का पानी उनकी पूरी गृहस्थी और खाद्यान्न बहा ले गया। ऐसे में कई परिवारों के पास अब भोजन तक की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से लंच पैकेट और आपदा राहत किट वितरित की जा रही हैं, लेकिन अभी भी सभी बाढ़ प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच सकी है। बरेठी और औदहा गांव भी ऐसे ही प्रभावित गांवों में शामिल हैं, जहां ग्रामीणों को तत्काल मदद की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि इन गांवों के लोग पहले से ही आर्थिक रूप से परेशान थे। बाढ़ ने उनकी स्थिति और भी बदतर कर दी है। कई परिवारों के पास रहने के लिए पक्के मकान नहीं हैं और वे कच्चे घरों में रह रहे थे, लेकिन लगातार बारिश और बाढ़ के चलते कई कच्चे मकान भी ढह गए हैं। गांव तक पहुंचने वाली सड़क की हालत भी खराब है, जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अर्चना नितिन उपाध्याय ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि बरेठी और औदहा सहित सभी बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कराकर पीड़ित परिवारों का सर्वे कराया जाए और पात्र जरूरतमंदों तक तत्काल खाद्य सामग्री, राहत किट तथा अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

Bhoopendra Traipathi
Bhoopendra Traipathihttp://www.sarasbhavna.com
भूपेंद्र त्रिपाठी सरस भावना अखबार के वरिष्ठ पत्रकार है। पत्रकारिता में इसनका १० वर्षो का अनुभव है।
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