चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की भीषण चपेट में है। मां मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत एक दर्जन से अधिक गांवों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों के घर जलमग्न होने से उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए महिला नेत्री एवं समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट, सीतापुर, तरौंहा समेत कई इलाकों में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें बाढ़ से उत्पन्न परेशानियों से अवगत कराया। किसी ने घरों में पानी भरने की समस्या बताई तो किसी ने बाढ़ के कारण हुए नुकसान और भोजन-पानी की दिक्कत की जानकारी दी। प्रभावित परिवारों की स्थिति देखने के बाद अर्चना नितिन उपाध्याय ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए कल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, पानी और दैनिक जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इस मुश्किल समय में किसी भी परिवार को भोजन और जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े।
मां मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझना और उसके बाद जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने की पहल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है





