चित्रकूट। जनपद में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने सराहनीय पहल की। महिला एवं बाल विकास विभाग के बैनर तले जिला अस्पताल में जन्मी 15 नवजात बच्चियों का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम में समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने इन नवजात बच्चियों की मुंह बोली बुआ बनकर उनके परिवारों के साथ खुशियां साझा कीं। बच्चियों के जन्म की खुशी में केक काटा गया और सभी नवजात बेटियों को कपड़ों समेत विभिन्न उपहार भेंट किए गए। अस्पताल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम से बच्चियों के परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नवजात बेटियों के जन्म का जश्न मनाना ही नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी रहा कि बेटी किसी परिवार पर बोझ नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सम्मान और भविष्य की पहचान है। जिस तरह बेटे के जन्म पर उत्सव मनाया जाता है, उसी तरह बेटी के जन्म पर भी खुशियां मनाई जानी चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र आर्या ने कहा कि बेटी का जन्म अपने आप में बहुत बड़ी खुशी है। जिला अस्पताल में जन्म लेने वाली बच्चियों के जन्मोत्सव के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बेटियों के जन्म को किसी भी तरह कमतर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां आज शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और देशसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। इसलिए उन्हें जन्म से ही समान अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य, अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है





