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चित्रकूट में पत्नी के साथ मिलकर चार बच्चों सहित प्रेमिका की हत्या करने वाले हैवान प्रेमी और पत्नी को अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला पति को फांसी की सजा तो पत्नी को उम्र कैद की मिली सजा

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चित्रकूट-चार मासूम बच्चों और उनकी मां का बेरहमी से कत्ल करने वाले हत्यारोपी को अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अनुराग कुरील ने फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही इस मामले में हत्यारोपी की पत्नी को भी साजिश रचने और नृशंस हत्याकाण्ड में शामिल होने के चलते आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्योरोपी पति-पत्नी को अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अजय सिंह व सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि राजापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अमान गांव के बाहर बीती 25 अप्रैल 2017 को कछुआ नाले में दो लड़कियों, वहां से दो किलो मीटर दूर सड़क किनारे एक बालक और एक बालिका का शव बोरी में भरा हुआ बरामद किया गया था। इसके दूसरे दिन एक महिला का शव भी बरामद हुआ था। उन्होंने बताया कि शवों की शिनाख्त में मृतका महिला की पहचान बिहार के पटना जिले की माधवपुर निवासी लालमुनि देवी उर्फ रीना देवी पत्नी सत्यानंद के रूप में हुई थी। साथ ही मृतक बच्चे रीता, संगीता, गीता व किशुन उसकी संतानें थी। बताया कि मृतका का पति सत्यानंद विक्षिप्त होकर घटना से दो साल पहले कहीं चला गया था। इस दौरान मृतका लालमुनि राजापुर थाना क्षेत्र के अतंर्गत अमवा गांव के निवासी अवधेश यादव के संपर्क में आ गई और दोनों लोग एक साथ रहने लगे थे। इसके बाद लालमुनि ने अवधेश पर बच्चों के साथ गांव चलकर रहने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी। इसके चलते अवधेश ने अपनी पत्नी मंटू देवी उर्फ कुसुम कली के साथ मिलकर लालमुनि को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद अवधेश लालमुनि और उसके बच्चों को लेकर राजापुर आया। राजापुर से 23 अप्रैल 2017 को रात्रि में वह लालमुनि, उसकी बेटी संगीता, रीता, गीता व पुत्र किशुन को अमान गांव ले आया और यहां पत्नी के साथ मिलकर रात में सोते समय सभी की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद बाइक से मृतकों के शव ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए। पुलिस की कई टीमों ने मिलकर इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए हत्यारोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया था। इसके चलते तत्कालीन पुलिस उपमहानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत भी किया था। न्यायालय में पुलिस ने हत्यारोपी पति-पत्नी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी अवधेश यादव को फांसी व उसकी पत्नी मंटू देवी उर्फ कुसुम कली को आजीवन करावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही हत्यारोपी पति-पत्नी को 2,20,000 रुपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया।

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