Home चित्रकूट विशेष आजादी के करीब 80 साल बाद रोशन होंगे कोल्हुवामाफी गांव के घर,...

आजादी के करीब 80 साल बाद रोशन होंगे कोल्हुवामाफी गांव के घर, अर्चना नितिन उपाध्याय की छह महीने की मेहनत लाई रंग

0

चित्रकूट। आजादी के करीब 80 साल बीत जाने के बाद भी यदि किसी गांव के लोग बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित होकर अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर हों, तो यह व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल है। लेकिन जब कोई व्यक्ति दूसरों की पीड़ा को अपनी जिम्मेदारी समझकर उसे दूर करने का संकल्प लेता है, तो बदलाव की राह भी निकल आती है। ऐसी ही एक उम्मीद की नई किरण चित्रकूट की कर्वी तहसील स्थित कोल्हुवामाफी गांव में दिखाई दे रही है। यहां पीढ़ियों से बिजली का इंतजार कर रहे कोल आदिवासी परिवारों के घर अब रोशन होने की उम्मीद जगी है।
इस बदलाव के पीछे जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी एवं समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय की छह महीने से अधिक समय तक चली अथक मेहनत और लगातार की गई प्रशासनिक पैरवी अहम रही है। उनकी पहल और प्रयासों के बाद आखिरकार गांव में विद्युत लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर महीने में ही ग्रामीणों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म हो जाएगा।
गौरतलब है कि आधुनिक दौर में जहां शहरों से लेकर गांवों तक विकास की तस्वीर बदल रही है, वहीं कोल्हुवामाफी गांव के कोल आदिवासी परिवार बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित थे। बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतों में ग्रामीणों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता था।
ग्रामीणों की इस पीड़ा को अर्चना नितिन उपाध्याय ने गंभीरता से लिया और गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को करीब से समझा। इसके बाद उन्होंने गांव में बिजली पहुंचाने को लेकर प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों तक ग्रामीणों की आवाज पहुंचाने का बीड़ा उठाया। उनका यह प्रयास महज एक-दो मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छह महीने से अधिक समय तक लगातार अधिकारियों से संपर्क, प्रशासनिक पैरवी और विद्युत विभाग के साथ समन्वय का सिलसिला जारी रहा।
इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों तक गांव की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। लगातार प्रयासों और प्रशासनिक सहयोग का परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। कोल्हुवामाफी गांव में विद्युत लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है।
इस पहल को सफल बनाने में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। अर्चना नितिन उपाध्याय ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके यादव, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों और मीडिया का आभार व्यक्त किया है।
अर्चना नितिन उपाध्याय का कहना है कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास, सहयोग और संवेदनशीलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना था। प्रशासन और विद्युत विभाग ने सकारात्मक पहल करते हुए गांव में बिजली पहुंचाने की दिशा में काम शुरू कराया है।
फिलहाल गांव के लोगों की निगाहें नवंबर महीने पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो जाता है, तो वर्षों से अंधेरे में जीवन गुजार रहे कोल आदिवासी परिवारों के घर भी बिजली की रोशनी से जगमगा उठेंगे। यह केवल गांव में बिजली पहुंचने की खबर नहीं, बल्कि उन परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने पीढ़ियों तक इस बुनियादी सुविधा का इंतजार किया है। कोल्हुवामाफी की यह पहल बताती है कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, जनसेवा का संकल्प और प्रशासनिक सहयोग मिलकर विकास की एक नई इबारत लिख सकते हैं।

No comments

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version