बुधवार, अप्रैल 15, 2026
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इफको का नैनो उर्वरक महाअभियान शुरू, चित्रकूट में सहकारी समितियों समेत FPO भी हुए सक्रिय

इफको ने देशभर में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान का शुभारंभ इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली स्थित इफको सदन से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर किया।

इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संघाणी ने कहा कि यह एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान है, जिसे देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों तथा 3,477 तहसीलों में चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, आउटडोर और डिजिटल मीडिया के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

उन्होंने जानकारी दी कि नैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है, जो भारतीय कृषि में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।

संघाणी ने कहा कि भारत इस समय एक ऐसे दौर में है, जहां परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम हो रहा है और नैनो उर्वरक इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने इस अभियान को भारतीय कृषि के लिए परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसानों को नैनो यूरिया, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा, विशेष रूप से फोलियर स्प्रे तकनीक के जरिए। साथ ही पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और सहकारी नेटवर्क के माध्यम से गांव स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान और क्षेत्रीय प्रदर्शन के जरिए किसानों का विश्वास बढ़ाया जाएगा, क्योंकि जब किसान स्वयं परिणाम देखेंगे, तो नई तकनीक को अपनाने में तेजी आएगी।

इफको के नैनो उर्वरकों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 218 लाख से अधिक बोतल नैनो यूरिया प्लस और 64.26 लाख से अधिक बोतल नैनो DAP की बिक्री हो चुकी है, जबकि नैनो जिंक और नैनो कॉपर ने भी पहले ही वर्ष में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो DAP के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों के बराबर उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आयात लागत में उल्लेखनीय बचत हो रही है।

उन्होंने आगे बताया कि इफको कोयंबटूर में अपने नैनो इनोवेशन हब के माध्यम से अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है, वहीं ब्राजील में नैनो उर्वरक उत्पादन संयंत्र की स्थापना भी की जा रही है, जिसके जून 2026 तक शुरू होने की संभावना है।

संघाणी ने कहा कि नैनो उर्वरक केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “कम लागत, अधिक उत्पादन और स्वस्थ पर्यावरण” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नैनो उर्वरकों को हर खेत तक पहुंचाना होगा।

कार्यक्रम के दौरान इफको के प्रबंध निदेशक श्री के. जे. पटेल सहित निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इफको का वित्तीय प्रदर्शन भी लगातार मजबूत बना हुआ है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का कर-पूर्व लाभ ₹4,200 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया | चित्रकूट

📍 चित्रकूट। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक राजबीर सिंह ने नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहल किसानों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगी। उन्होंने बताया कि चित्रकूट क्षेत्र में भी इस अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर और फील्ड डेमो आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान नैनो उर्वरकों के सही उपयोग को समझ सकें।

उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक न केवल लागत को कम करते हैं, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार लाते हैं। “हमारा प्रयास है कि हर किसान तक यह नई तकनीक पहुंचे और वह इसका लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सके,” उन्होंने कहा।

राजबीर सिंह ने बताया कि इफको की टीम सहकारी समितियों और स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ रही है, जिससे आने वाले समय में चित्रकूट क्षेत्र में नैनो उर्वरकों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

चित्रकूट में CPD Agro Farming Producer Company Limited सहित अन्य किसान उत्पादक कंपनियां (FPO) और सहकारी संस्थाएं भी इस महा अभियान का हिस्सा बनकर गांव-गांव किसानों तक नैनो उर्वरकों की जानकारी और प्रशिक्षण पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

C P Dwivedi
C P Dwivedihttps://sarasbhavna.com
लेखक परिचय : चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, चित्रकूट निवासी एक सक्रिय पत्रकार, लेखक, शिक्षाविद् और सामाजिक विचारक हैं, जो पिछले दो दशकों से हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘सरस भावना’ के संपादक के रूप में जनपक्षीय पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों से की और अपने लेखन तथा संपादन कौशल से बुंदेलखंड की पत्रकारिता को नई दिशा दी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर (M.A.), कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री (M.Sc. CS), सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर (MSW), पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिग्री, और क़ानूनी ज्ञान में स्नातक (L.L.B.) की शिक्षा प्राप्त की है। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं — एक संवेदनशील पत्रकार, प्रतिबद्ध समाजसेवी, करियर काउंसलर, राजनीतिक विश्लेषक, अधिवक्ता और व्यंग्यकार। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर काम कर रहे हैं। वर्तमान में वे बुंदेली प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकारों में शुमार हैं। लेखन नाम बड़का पंडित‘’ के नाम से वे राजनीतिक पाखंड, जातिवाद, दिखावटी विकास, मीडिया के पतन और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखे, मगर प्रभावशाली व्यंग्य लिखते हैं, जो समाज को सोचने और बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी लेखनी न सिर्फ व्यंग्य का माध्यम है, बल्कि बुंदेलखंड की पीड़ा, चेतना और संघर्ष की आवाज़ भी हैऔर शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
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