चित्रकूट -जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), शिवरामपुर-चित्रकूट में एल्यूमिनाई एसोसिएशन मीट एवं पुरातन प्रशिक्षु सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के पूर्व प्रशिक्षुओं को एक साझा मंच प्रदान कर उनके अनुभवों, विचारों एवं शैक्षिक दृष्टिकोण का आदान-प्रदान करना तथा वर्तमान प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन वर्ष 2025 बैच के नव प्रशिक्षुओं द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मकता एवं उत्साह का संचार हुआ। तत्पश्चात आगंतुक पुरातन प्रशिक्षुओं का ससम्मान स्वागत किया गया।
इस अवसर पर समस्त पुरातन प्रशिक्षुओं को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रति संस्थान की कृतज्ञता एवं सम्मान की भावना परिलक्षित हुई। नव प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम—जिनमें गीत, नृत्य एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियां शामिल थीं—कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे और उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पुरातन प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षण क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर प्रकाश डाला। साथ ही वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों ने शिक्षण में नवाचार, समर्पण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम प्रभारी हेम सिंह (प्रवक्ता) ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से पूर्व प्रशिक्षुओं के अनुभवों से सीख लेकर शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
संस्थान के प्राचार्य बी. के. शर्मा (P.E.S.) ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्रशिक्षुओं को निरंतर परिश्रम, समर्पण एवं नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।


