बुधवार, अगस्त 27, 2025
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‘‘पुलिस और जनता के बीच भरोसे का पुल बनेगा हमारा राजापुर’’ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी व व बड़का पंडित से वार्ता

राजापुर में नए थाना इंचार्ज पंकज त्रिपाठी: कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मिल रही नई दिशा

राजापुर (चित्रकूट)। पुलिस थाना राजापुर में नए थानाध्यक्ष पंकज तिवारी की नियुक्ति के साथ क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 2015 में ललितपुर से अपनी पुलिस सेवा शुरू करने वाले पंकज त्रिपाठी ने हमीरपुर, बरगढ़, पहाड़ी, करवी कोतवाली सहित अनेक महत्वपूर्ण थानों में अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने स्नातक की शिक्षा पूर्ण करने के बाद प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के माध्यम से पुलिस सेवा में प्रवेश किया। संवेदनशील मामलों को सुलझाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है, जिसमें बरगढ़ में हुए गैंगरेप कांड के खुलासे और अभियुक्तों की गिरफ्तारी प्रमुख है, जिसके लिए उन्हें पूर्व में क्ळच् द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
थाना इंचार्ज के रूप में पंकज तिवारी का दायित्व केवल अपराधों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले सर्वाेच्च अधिकारी हैं। उनका कार्यकाल ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के पुलिसिंग एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन का लेकर आता है। थाना प्रभारी की जिम्मेदारियों में अपराध रोकथाम, थ्प्त् दर्ज करना, आरोपी की गिरफ्तारी, यथा पूर्व नियोजित गश्त एवं यातायात व्यवस्था लागू कराना, आपातकालीन स्थिति में राहत व बचाव कार्यों का समन्वय, तथा जनता के साथ संवाद भी शामिल है। जनता के साथ बेहतर व्यवहार और पुलिस-जनता रिश्ता मजबूत करने पर उनकी विशेष ध्यान रहता है।
राजापुर क्षेत्र में महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता के रूप में लिया गया है। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन और एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लूप लाइन चौराहे पर यातायात प्रबंधन को सुधारने की पहल भी जारी है। इससे जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए बाईपास निर्माण की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में, पंकज तिवारी जैसे अनुभवी थाना इंचार्ज के सहयोग से राजापुर पुलिस थाना में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ समाज में सुरक्षा एवं विश्वास बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। थाने की नियमित पैदल गश्त, अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध अहम उपकरणों की बरामदगी तथा नशा मुक्ति अभियान मालिकाना भूमिका निभा रहे हैं।
थाना प्रभारी पंकज तिवारी का कहना है कि उनकी प्राथमिकताओं में न केवल अपराधों पर अंकुश लगाना, बल्कि क्षेत्रीय जनता को सुरक्षित एवं आश्वस्त महसूस कराना भी शामिल है। थानेदार के रूप में वे कहा करते हैं कि पुलिसिंग का कार्य केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण और जनसंपर्क का भी विषय है। उन्होंने पुलिसिंग को डिजिटल बनाने की दिशा में भी जोर दिया है ताकि त्वरित और पारदर्शी सेवा सुनिश्चित की जा सके।
राजापुर पुलिस थाना का संपर्क नंबर 9454403211 है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपात सेवा 112 आदि नंबर भी आवश्यक सहायता हेतु सक्रिय हैं।
नए थानाध्यक्ष पंकज तिवारी के नेतृत्व में राजापुर थाना क्षेत्र में न केवल कानून व्यवस्था में तेजी से सुधार की उम्मीद है, बल्कि समग्र अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और पुलिस-जनता सहयोग के माध्यम से पुलिसिंग की एक नई छवि भी स्थापित हो रही है। उनके समर्पित कार्यशैली और व्यापक अनुभव से क्षेत्र वासियों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।

साक्षात्कार

सम्पादक – पंकज जी, राजापुर जैसे क्षेत्र में पूरी पुलिस व्यवस्था में आपको सबसे बड़ी चुनौतियां क्या लगती हैं?
पंकज तिवारी – सबसे बड़ी चुनौती है ग्रामीण इलाकों में आम लोगों का पुलिस से भरोसा बनाना ज़रूरी है। वहीं शहरी हिस्सों में बढ़ते अपराधों जैसे चोरी, नशाखोरी, और ट्रैफिक जाम की समस्या अलग तरह की है, हमें लगातार लोकसंपर्क बढ़ाना और डिजिटल पुलिसिंग को तेज करना होगा।
सम्पादक – आप स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को कैसे देखते हैं? क्या पुलिस से उनकी मुख्य मांगें बदल रही हैं?
पंकज तिवारी – कुछ साल पहले तक लोग केवल त्वरित शिकायत निबटारे की मांग करते थे। आज वे अधिक संगठित हैं और चाहते हैं कि पुलिस रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाकर समस्या की जड़ तक पहुंचे। महिला सुरक्षा, नशा नियंत्रण और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दे अब ज्यादा चर्चा में हैं। साथ ही, पुलिस से पारदर्शिता और जन सहयोग की उम्मीद भी बढ़ी है।
संपादक – पंकज जी, क्या आप हमें राजापुर में नशा मुक्ति अभियान की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से बता सकते हैं?
पंकज तिवारी – जी हाँ, नशा मुक्ति राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकता में है। राजापुर में नियमित छापेमारी, संदिग्धों की पहचान, और नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त क़ानूनी कार्रवाई हो रही है। साथ ही, हमने समाज के जागरूक नेताओं और शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर युवाओं को नशा के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान चलाए हैं। परंतु अभी भी नशा की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है।
संपादक – महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या सामाजिक स्तर पर और क्या सुधार होने चाहिए?
पंकज तिवारी – सुरक्षा समझने का दायरा सिर्फ पुलिस नहीं, बल्कि पूरे समाज का होना चाहिए। स्कूलों और घरों में बालिकाओं को आत्मरक्षा की शिक्षा देना ज़रूरी है। साथ ही, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा जैसी कुप्रथाओं का ख़त्म होना भी आवश्यक है। पंचायतों को भी महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सक्रियता दिखानी होगी। समाज की सोच में बदलाव बेहद जरूरी है।
संपादक – पंकज जी, राजापुर क्षेत्र की सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आप स्थानीय प्रशासन के साथ कौन-कौन सी नई पहल कर रहे हैं?
पंकज तिवारी – हमने यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कई अभियान शुरू करेंगे स्कूलों के आसपास ‘नो पार्किंग’ जोन बनाए गए हैं। ट्रक और भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित करने की पहल चल रही है। लूप लाइन चौराहा और अन्य दुर्घटना संवेदनशील जगहों विशेष चौकसी बरती जाएगी , इसके अलावा, लोक प्रशासन के साथ मिलकर उच्चाधिकारियों ने निर्देशन में जल्द से जल्द कानून व्यवस्था के लिए सुचारु रूप से काम करेंगे
संपादक – क्या आप पुलिस और जनता के बीच और बेहतर सहयोग के लिए कुछ सुझाव देना चाहेंगे?
पंकज तिवारी – पुलिस को चाहिए कि वो नियमित रूप से ग्रामीण-अतिक्रमण मिटिंग्स, चौपालें और जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करे। लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदार बनाना होगा। दूसरी ओर, जनता को चाहिए कि वे समय पर अपराध की सूचना पुलिस को दें और झूठे आरोपों से बचें। दोनों तरफ से पारदर्शिता और सम्मान का माहौल बने तो ही स्थायी सुधार आएगा।
संपादक – पंकज जी, डिजिटल पुलिसिंग के बारे में आपने कुछ कहा था। क्या आप विस्तार से बताएंगे कि राजापुर में इसका क्या स्वरूप है और इसके क्या लाभ हैं?
पंकज तिवारी – डिजिटल पुलिसिंग से तात्पर्य है अपराध सूचना के त्वरित संकलन, शिकायतों का ऑनलाइन रिकॉर्डिंग, मोबाइल एप्स के माध्यम से नागरिक सेवा और ई-कोर्टिंग जैसी सुविधाएँ। इससे जांच तेज होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होता है। राजापुर में हमने मोबाइल शिकायत प्रणाली लॉन्च की है जिससे नागरिक सीधे थाने में आकर भीड़ से बचकर शिकायत कर सकते हैं। इससे भ्रष्टाचार में कमी आई है और जनता का भरोसा भी बढ़ा है।
संपादक – आप राजापुर में युवा वर्ग की भूमिका को कैसे देखते हैं?
पंकज तिवारी – युवा सबसे बड़ा एवं शक्तिशाली वर्ग हैं। उनकी सही दिशा में ऊर्जा लगाने की ज़रूरत है। पुलिस को चाहिए कि वे युवाओं को सामाजिक कार्यक्रमों, खेलकूद और जागरूकता अभियानों में शामिल करें। इससे वे अपराध या नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहेंगे और समाज का सशक्त हिस्सा बनेंगे। युवा राजनीति और सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी बढ़ाएं, तो क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
संपादक – अंत में, पंकज जी, क्या आप राजापुर के नागरिकों के लिए कोई खास अपील या संदेश देना चाहेंगे?
पंकज तिवारी – मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें, अपनी सुरक्षा स्वयं भी सुनिश्चित करें और किसी भी अपराध या असामाजिक घटना की सूचना तुरंत थाने को दें। पुलिस सिर्फ कानून चलाने वाली संस्था नहीं है, यह आपकी सुरक्षा और विश्वास का साथी है। आइए, मिलकर एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध राजापुर बनाएं।

 

 

C P Dwivedi
C P Dwivedihttps://sarasbhavna.com
लेखक परिचय : चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, चित्रकूट निवासी एक सक्रिय पत्रकार, लेखक, शिक्षाविद् और सामाजिक विचारक हैं, जो पिछले दो दशकों से हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘सरस भावना’ के संपादक के रूप में जनपक्षीय पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों से की और अपने लेखन तथा संपादन कौशल से बुंदेलखंड की पत्रकारिता को नई दिशा दी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर (M.A.), कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री (M.Sc. CS), सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर (MSW), पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिग्री, और क़ानूनी ज्ञान में स्नातक (L.L.B.) की शिक्षा प्राप्त की है। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं — एक संवेदनशील पत्रकार, प्रतिबद्ध समाजसेवी, करियर काउंसलर, राजनीतिक विश्लेषक, अधिवक्ता और व्यंग्यकार। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर काम कर रहे हैं। वर्तमान में वे बुंदेली प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकारों में शुमार हैं। लेखन नाम बड़का पंडित‘’ के नाम से वे राजनीतिक पाखंड, जातिवाद, दिखावटी विकास, मीडिया के पतन और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखे, मगर प्रभावशाली व्यंग्य लिखते हैं, जो समाज को सोचने और बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी लेखनी न सिर्फ व्यंग्य का माध्यम है, बल्कि बुंदेलखंड की पीड़ा, चेतना और संघर्ष की आवाज़ भी हैऔर शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
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